कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में अटक जाती है। कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में...
मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत, मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत,
""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान) ""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान)
पराये सभी हो गये है अपने यहाँ तो रिश्तों की टूटी डोर है पराये सभी हो गये है अपने यहाँ तो रिश्तों की टूटी डोर है
तुमसे दूर तुमसे दूर
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...